हमारे बारे में
खाती समाज भारतीय समाज की एक प्राचीन और गौरवशाली शाखा है, जिसकी जड़ें चंद्रवंशी क्षत्रिय परंपरा में हैं। समाज के इष्टदेव भगवान जगदीश, कुलदेवी महागौरी अष्टमी, कुलदेव भैरव देव और आराध्य देव भोले शंकर हैं।
खाती समाज के पूर्वजों का इतिहास हिमालय क्षेत्र, जम्मू-कश्मीर, और बाद में मालवा, महेश्वर, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, और मध्य भारत के अनेक जिलों तक फैला है। समाज ने शिक्षा, कृषि, और सामाजिक एकता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उज्जैन में भगवान जगदीश का प्राचीन मंदिर, महेश्वर में सहस्त्रबाहु का मंदिर, और समाज के 105 गोत्र इसकी सांस्कृतिक विविधता को दर्शाते हैं। हर वर्ष धार्मिक उत्सव, रथयात्रा, और महागौरी पूजा समाज की एकता और सांस्कृतिक गौरव को उजागर करते हैं।
हमारे मूल्य:
• एकता और भाईचारा
• शिक्षा और प्रगति
• परंपरा और संस्कृति का सम्मान
• समाज सेवा और सहयोग
"ममता, समता और क्षमता की त्रिवेणी का नाम है खाती समाज।"
